AI क्रांति से बदलेगा बिहार का भविष्य! बीईए वर्कशॉप में IBM के ग्लोबल डायरेक्टर रोकेश रंजन का बड़ा विज़न
कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को AI और उभरती तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना था। अपने संबोधन में रोकेश रंजन ने कहा कि आने वाला समय AI और डीप टेक्नोलॉजी का है। पारंपरिक नौकरियों पर ऑटोमेशन का प्रभाव पड़ेगा और कई भूमिकाएं बदलेंगी, ऐसे में युवाओं को कोडिंग, डेटा साइंस, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, जनरेटिव AI टूल्स और एथिकल AI की समझ विकसित करनी होगी।
उन्होंने AGI (आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस), सुपर इंटेलिजेंस और एआई मॉडल्स के भविष्य पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि “केवल बड़ी आबादी या युवा जनसंख्या ही पर्याप्त नहीं, बल्कि तकनीकी दक्षता ही असली पूंजी है।”
कार्यक्रम में मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, फिनटेक, एजुकेशन और रिटेल सेक्टर में AI के व्यावहारिक उपयोग पर भी विशेष सत्र आयोजित हुआ। स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और बिहार को AI हब बनाने पर भी चर्चा की गई।
बीआईडीए के प्रतिनिधियों ने कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत है सही मार्गदर्शन और तकनीकी संसाधनों की। कार्यशाला के दौरान क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विजेताओं को सम्मानित किया गया।


No comments