भादो अमावस्या महोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब, दादी मय हुआ पटना सिटी
पटना सिटी। श्री रानी सती दादी जी पटना न्यास ट्रस्ट द्वारा आयोजित भादो अमावस्या महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को पूरा पटना सिटी दादी भक्ति में सराबोर नजर आया। “भादवा को मेलो तो बरो अलबेलो”, “हम दादी वाले हैं” और “नमो नारायणी” जैसे भजनों की गूंज से गलियां, चौक-चौराहे और मंदिर प्रांगण भक्तिमय हो गए।
अहले सुबह नगारों, घंटा-घड़ियाल की ध्वनि के बीच दादी जी की भव्य मंगला आरती हुई। अचारी लखनलाल शर्मा एवं हरिओम शास्त्री की देखरेख में दादी जी को केसर और गुलाब जल से स्नान कराया गया। मंदिर प्रांगण मिरचाई गली में महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। राजस्थानी चुनरी ओढ़े, मेहंदी रचे हाथों में पूजा की थाल लिए मारवाड़ी समाज की महिलाएं अपने परिवार के साथ मंदिर पहुंचीं। रोली, अक्षत, मेहंदी, काजल, नारियल और पुष्प से दादी जी को जात लगाने की परंपरा निभाई गई।
महोत्सव का विशेष आकर्षण दादी जी का अलौकिक श्रृंगार और 56 भोग रहा। तेरह सतियों को चुनरी चढ़ाने की परंपरा भी निभाई गई। वहीं, 1100 सुहागिन महिलाओं द्वारा सामूहिक मंगल पाठ ने पूरे माहौल को दिव्य बना दिया। इस मंगल पाठ को स्वर पायल अग्रवाल (वाराणसी) ने दिया। महिलाओं को उपहारस्वरूप महाप्रसाद अर्पित किया गया। दादी जी का खजाना भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना।
भक्ति रस से भरे इस महोत्सव में बिहार विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव और पटना महापौर सीता साहू ने भी मंदिर पहुंचकर दादी जी की पूजा-अर्चना की। आयोजन को सफल बनाने में ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रभात भरतिया, सचिव मनोज झुनझुनवाला, राजेश चौधरी सहित सौरभ, अमन और कन्हैया झुनझुनवाला सक्रिय रहे। नारायणी महिला मंडल, मंगल सखी एवं मारवाड़ी महिला समिति की महिलाओं की भूमिका भी सराहनीय रही।
पूरे पटना सिटी में दादी भक्ति और भजनों की स्वर लहरियों से वातावरण गूंजता रहा और महोत्सव ने आस्था का अनोखा रंग बिखेरा।




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